Assembly X-A & X-B (05-05-2026)
TOPIC: “PEACE” “सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।” भगवद् गीता के दूसरे अध्याय का यह ३८वां श्लोक हमें सुख-दुख, लाभ-हानि, जय-पराजय को समान मानकर अपने कर्तव्य का पालन करने की सीख देता है। जो जीवन की विषम और विपरीत परिस्थितियों में