The Culmination of Cultural Extravaganza: Krishna Leela

परित्राणाय साधूनाम् विनाशाय च दुष्कृताम्।

धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे।।

The Culmination of Cultural Extravaganza: Krishna Leela

To mark the Golden Jubilee of DPS RK Puram, a cultural extravaganza took place on the evening of 21st August 2022 at Siri Fort Auditorium. It commenced with the inaugural lighting of the lamp by the Chief Guest, Shri BK Chaturvedi, the Principal, Ms Padma Srinivasan and the Vice Principals, Mr Naresh Miglani, Mr Anil Kathuria, and Mr Mukesh Kumar. The Maitri Bhajan set a devotional ambience to the auspicious lighting of the lamp. 

The ceremony commenced with a beautiful Orchestra Performance by the students of Delhi Public School  RK Puram. The Chief Guest, Shri BK Chaturvedi, Mrs Shayama Chona and other dignitaries were then felicitated by the Principal, Ms Padma Srinivasan. The Principal Ms Padma Srinivasan in her address welcomed the guests and emphasized the essence of leadership showcased by the former Principals and Staff to create and build this institution from its humble beginnings. She took this moment not only to reminisce about the past but also to think about the future. She thanked the alumni for contributing to the celebration of the 50th year anniversary in such a selfless manner living up to the motto of the school of “Service Before Self”.   

The guests were then engaged in a melodious Indian Welcome Song. Following this was a short documentary, made by an alumnus, Mr Arjun Bhagat of the 1991 Batch. The documentary showcased the making of the Delhi Public School  RK Puram as we know it today, and the strength, hard work and effort put into it by the founders and creators of this esteemed legacy. 

The Chief Guest, Shri BK Chaturvedi then addressed the gathering and thanked the Principal, staff and Students for making this great celebration possible. He also congratulated the alumni for standing by the institution that has helped shape them. He congratulated the Principal, Staff, Students and Alumni for putting up such a wonderful show and expressed his appreciation for the Alumni for joining in this great event.

To invoke a sense of pride in the audience, the School Anthem was then sung with great enthusiasm and zeal. A Celebratory Dance added colour to the celebrations which were performed by the students of the junior schools,  DPS Vasant Vihar and DPS East of Kailash. Following this was a Sufi Dance by the students and alumni of DPS RK Puram. The performance captured the hearts of the audience with its synchronised dance movements and ethereal music.

Then began the most awaited event of the ceremony, Krishna Leela. Lord Krishna, the bearer of the magical flute, is worshipped as the eighth avatar of Lord Vishnu. Lord Krishna’s life marks the passing of the Dvapara age and the beginning of the Kaliyuga. His life is a reflection of the eternal tussle between truth and untruth in the minds of mankind. By this virtue, Krishna is omnipresent in the soul of each of us. Presented today was a dance drama, Krishna Leela, which depicts his various manifestations in human form coming face to face with worldly realities.

 It started with the very beginning of Lord Krishna’s adventures in Gokul as a child. The key events of his life were captured and depicted by mesmerizing dance numbers. The whole performance lasted about 40 mins and the audience was left fascinated and spellbound by the grace with which each life event was depicted. The Krishna Leela in all was very captivating and the audio-visuals added immensely to the overall appeal of the performance. 

Address by the Alumni, Ms Molly Gambhir, a broadcast Journalist for a decade and currently working for English News Channel WION, spoke about the values instilled in her at school. She also said that she had reached here because of what the school gave her in her formative years. She wanted to give back to her alma mater in any capacity she could. This was followed by an emotional address by an alumnus Mr Sooraj Dhawan of the 1988 batch, Director of Falcon Exhibitions, President of India Supply Chain Alliance and the Honorary Secretary of the Indian Exhibition Industry Association. He recalled the way the programme got into shape right from its inception to its culmination. He spoke about the alumni who volunteered to join hands in helping the dream of the principal Ms Padma Srinivasan turn into reality. He also said that no school can replicate this great endeavour of Delhi Public School RK Puram in the celebrations spanning over four days.  Both of them reflected on their journey in DPS RK Puram and applauded the students, teachers and authorities for putting up a great show. 

The Vote of Thanks was delivered by the Principal. She presented the bouquets as a token of affection and appreciation to the alumni who had contributed to the success of the grand cultural Extravaganza. followed by the reading of the credits.
The ceremony concluded on a patriotic note with the National Anthem..

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।

मा कर्मफलहेतुर्भुर्मा ते संगोऽस्त्वकर्मणि ॥

डी पी एस आर के पुरम स्वर्ण जयंती समारोह – कृष्ण लीला , एक अद्वितीय  प्रस्तुति 

 21 अगस्त, 2022 संध्या, सीरी फोर्ट सभागार का मंच   डी पी एस आर के पुरम की पचासवीं वर्षगांठ के समारोह के आयोजन ने  उपस्थित दर्शको के लिए ऐसा  समां  बाँधा  जिसकी चकाचौंध से सभी स्तब्ध रह गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्मभूषण , उपाध्यक्ष डीपीएस सोसाइटी  श्री  बी के चतुर्वेदी, प्रधानाचार्या  सुश्री पद्मा श्रीनिवासन और उप प्रधानाचार्य श्री नरेश मिगलानी, श्री अनिल कथूरिया, और श्री मुकेश कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।  साथ ही मैत्री भजन ने वातावरण को भक्ति भाव से भर दिया ।

डी पी एस आर के पी के विद्यार्थियों द्वारा मंत्रमुग्ध कर देने वाले ऑर्केस्ट्रा प्रदर्शन  की  बात ही निराली थी जिसमें वाद्य यंत्रों के सुंदर समायोजन ने  दर्शकों के हृदय पर एक अमिट छाप छोड़ी । मुख्य अतिथि, श्री  बी के चतुर्वेदी जी  और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को प्रधानाचार्या  सुश्री पद्मा श्रीनिवासन द्वारा फूलों से सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्या  ने छात्रों, अभिभावकों, पूर्व छात्रों और अन्य मेहमानों का स्वागत किया।तदुपरांत उन्होंने मंच से सभी को संबोधित किया एवं अपने संबोधन में, उन्होंने इस संस्थान की  मजबूत नींव रखने  और इसके निर्माण का श्रेय पूर्व प्रधानाचार्यों और एवं संस्थान से जुड़े अन्य सभी कर्मचारियों को देते हुए  उनके प्रति आभार प्रकट किया  । उन्होंने अतीत की यादों के साथ साथ भविष्य पर विचार करने की भी बात कही । उन्होंने स्वर्ण जयंती समारोह को सफल बनाने हेतु  प्रतिभागिता  देने वाले समस्त  वर्तमान विद्यार्थियों व    पूर्व छात्रों को उनके योगदान  के लिए भी धन्यवाद दिया।

इसके उपरांत एक मधुर स्वागत गीत ने सभी अतिथियों का मन लुभा लिया । इसके बाद 1991 बैच के एक पूर्व छात्र, श्री अर्जुन भगत द्वारा बनाया गया एक लघु वृत्तचित्र दिखाया गया ।यह वृत्तचित्र   इस सम्मानित विरासत के संस्थापकों और रचनाकारों के प्रयासों तथा डी पी एस आर के पुरम  के स्वर्णिम इतिहास की यात्रा को बखूबी बयां करता हैi 

मुख्य अतिथि श्री बीके चतुर्वेदी ने तब सभा को संबोधित किया और इस महान उत्सव को संभव बनाने के लिए प्रधानाचार्या, कर्मचारियों और छात्रों को धन्यवाद दिया।  उन्होंने आजके इस भव्य समारोह के लिए प्रधानाचार्या, स्टाफ, छात्रों और पूर्व छात्रों सभी को बधाई देते हुए आयोजन की भूरि भूरि प्रशंसा की।

दर्शकों में गर्व की भावना जगाने के लिए स्कूल एंथम को बड़े उत्साह और जोश के साथ गाया गया। डी पी एस वसंत विहार और डी पी एस ईस्ट ऑफ कैलाश के जूनियर स्कूलों के छात्रों द्वारा प्रस्तुत समारोह ने जश्न में रंग भर दिया गया। इसके बाद डीपीएस आरके पुरम के छात्रों और पूर्व छात्रों द्वारा सूफी नृत्य किया गया। प्रदर्शन ने अपने समकालिक नृत्य आंदोलनों और ईथर संगीत के साथ दर्शकों के दिलों पर कब्जा कर लिया।

फिर समारोह का सबसे प्रतीक्षित कार्यक्रम कृष्ण लीला शुरु हुआ। जादुई बांसुरी के वाहक भगवान कृष्ण को भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में पूजा जाता है। भगवान कृष्ण का जीवन द्वापर युग के गुजरने और कलियुग की शुरुआत का प्रतीक है। उनका जीवन मानव जाति के मन में सत्य और असत्य के बीच शाश्वत संघर्ष का प्रतिबिंब है। इस गुण के कारण, कृष्ण हम में से प्रत्येक की आत्मा में सर्वव्यापी हैं।

अब प्रस्तुत किया गया एक नृत्य-नाटक, कृष्ण लीला, जिसमें  गिरिधर नागर श्री कृष्ण के अलौकिक और दिव्य दोनों रूपों  के सम्मिश्रण को उनकी विभिन्न लीलाओं द्वारा अत्यंत सरस ढंग से प्रदर्शित  किया गया I

  उनके जीवन की प्रमुख घटनाओं को मंत्रमुग्ध कर देने वाली नृत्य नाटिका द्वारा चित्रित किया गया । पूरा प्रदर्शन लगभग 40 मिनट तक चला और । इस  मनोरम  कृष्ण लीला  के उच्च स्तरीय ऑडियो-विजुअल  प्रदर्शन ने  कार्यक्रम की शोभा में चार  चाँद  लगा दिएI 

इसके बाद 2007 की उत्तीर्ण नंदिता जी ने जीपीएस की महानता को दोहराते हुए सभी के साथ अपने अनुभव साझा किए और सुंदर समारोह के लिए  बधाइयाँ  दीं Iफिर  डी पी एस  के पूर्व छात्र श्री सूरज धवन जी ने   प्रधानाचार्या  सुश्री पद्मा श्रीनिवासन जी द्वारा देखे गए डीपीएस के स्वर्ण जयंती समारोह स्वप्न को साकार करने में सहज स्वाभाविक रूप से अनेक सहायकों के सम्मिलित होने की बात के साथ-साथ श्री लव प्रकाश अग्रवाल सहित  समस्त महत्वपूर्ण योगदान देने वाले  व्यक्तियों को मंच पर आमंत्रित कर एक अनूठे अंदाज में कार्यक्रम की सफलता के विषय में   अपने विचार प्रस्तुत  किए एवं उनका  भावपूर्ण संबोधन  सभागार में उपस्थित सभी सदस्यों को भाव विभोर कर गया । डीपीएस आरके पुरम  की अपनी यात्रा पर विचार करते हुए मधुर स्मृतियों को सामने रखा और छात्रों, शिक्षकों और अधिकारियों  को इस  अद्वितीय स्वर्ण जयंती समारोह के आयोजन का श्रेय देते हुए   सभी की प्रशंसा  की।

तदुपरांत प्रधानाचार्या  महोदया द्वारा सभी के प्रति  धन्यवाद  ज्ञापित किया गया ।

राष्ट्रगान के साथ देशभक्ति के स्वर में समारोह का समापन  हुआ |